गुरुवार, 28 जून 2012


हिंदी विश्वविद्यालय में कर्मचारी सहकारी साख संस्था की स्थापना

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा में कर्मचारी सहकारी साख संस्था की स्थापना की गई। विश्वविद्यालय के कुलपति विभूति नारायण राय की अध्यक्षता में 20 जून को हबीब तनवीर सभागार में आयोजित सभा में इस संस्था की स्थापना का प्रस्ताव पारित किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति प्रो. ए. अरविंदाक्षन, कुलसचिव डॉ. कैलाश खामरे, वित्ताधिकारी संजय बी. गवई, मुख्य  अतिथि के रूप में वर्धा जिला पगारदार कर्मचारी सहकारी पत संस्था संघ के अध्यक्ष ओंकार धावड़े तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में वर्धा जिला मध्यवर्ती सहकारी अधिकोष के पूर्व प्रबंधक प्रकाश येंडे मंच पर उपस्थित थे।
सभा में सर्वसम्मति से साख संस्था का नाम हिंदी विश्वविद्यालय कर्मचारी सहकारी साख संस्था मर्यादित तय हुआ और इसकी स्थापना से संबंधित प्रस्ता‍वों को पारित किया गया। इसी के अंतर्गत संस्था के मुख्य प्रवर्तक के रूप में राजेश अरोड़ा को चुना गया तथा अन्य  12 प्रवर्तकों में डॉ. एम.एम. मंगोड़ी, डॉ. रामानुज अस्थाना, डॉ. अनिल कुमार दूबे, डॉ. बीरपाल सिंह यादव, के.के. त्रिपाठी, गिरीश चंद्र पाण्डेय, ज्योतिष पायें, हेमलता गोडबोले, पवन कुमार, अमित पांडे, संगीता मालवीय और विजयपाल पाण्डे को शामिल किया गया। परामर्श मण्डल में प्रो. मनोज कुमार, प्रो. अनिल कुमार राय ‘अंकित’, कुलसचिव डॉ. कैलाश खामरे, वित्ताधिकारी संजय बी. गवई और डॉ. सतीश पावडे नामित किए गए। 
इस अवसर पर सभाध्यक्ष विभूति नारायण राय ने साख संस्था की प्रगति हेतु अपनी शुभकामनाएँ दीं। मुख्य अतिथि ओंकार धावड़े तथा विशिष्ट अतिथि प्रकाश येंडे ने साख संस्था के उद्देश्य और लाभ इत्यादि के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। राजेश अरोड़ा ने सभा की प्रस्तावना रखते हुए इस कार्य में सहयोग हेतु संबंधित के प्रति आभार व्यक्त। किया। सभा का संचालन डॉ. अनिल कुमार दूबे ने तथा धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ कैलाश खामरे ने किया। सभा में अधिकारी, शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें